बटुक भैरव साधना — गृहस्थों के लिए लाभ, मंत्र व विधि
भगवान बटुक भैरव, भगवान शिव के सौम्य बाल-स्वरूप हैं और गृहस्थों के लिए सबसे सुरक्षित व कृपालु रक्षक माने जाते हैं। इनकी साधना भय, बाधा व नकारात्मकता को शीघ्र समाप्त करती है।
बटुक भैरव कौन हैं?
बटुक भैरव, काल भैरव का सौम्य व शांत रूप हैं। गृहस्थ जीवन की बाधाओं — ऋण, कोर्ट-कचहरी, शत्रु-भय, मानसिक क्लेश — के निवारण हेतु इनकी साधना अत्यंत प्रभावी व सुरक्षित है।
बटुक भैरव मंत्र
यह सौम्य व प्रसिद्ध मंत्र गृहस्थों के लिए पूर्णतः सुरक्षित है:
॥ ॐ बं बटुक भैरवाय नमः ॥
सरल विधि
- प्रातः या संध्या, स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- भैरव जी का शांत चित्र स्थापित कर सरसों-तेल का दीपक जलाएँ।
- रुद्राक्ष माला से न्यूनतम 1 माला (108 बार) मंत्र जप करें, 21 दिन निरंतर।
- भोग में जलेबी, बूँदी या भुने चने अर्पित करें।
श्वान (कुत्ते) का महत्व
श्वान भैरव जी का वाहन है। भोग का एक अंश काले या सामान्य कुत्ते को खिलाने से साधना की ऊर्जा कई गुना बढ़ती है।
लाभ
भय व शत्रु-बाधा से रक्षा, कोर्ट-कचहरी व ऋण-समस्याओं में राहत, घर में सुरक्षा-ऊर्जा और मानसिक स्थिरता।
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