छोटी-छोटी बातों पर बार-बार विवाद, घर में तनाव और आपसी अनबन से पूरा परिवार अशांत रहता है और घर का सुख-चैन खो जाता है।
घर में लगातार कलह रहना बहुत थका देने वाला होता है, और यह चिंता जायज़ है कि कहीं कोई गहरा कारण तो नहीं। ज्योतिष व वास्तु दोनों में इसके संकेत मिलते हैं: कुंडली में चतुर्थ भाव (घर-परिवार का सुख) पर पाप ग्रहों की दृष्टि, राहु-केतु का प्रभाव, या घर में वास्तु दोष व नकारात्मक ऊर्जा गृह क्लेश का सामान्य कारण मानी जाती है।
उपाय: प्रतिदिन शाम को घर में तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और 'ॐ शांति शांति शांति:' का उच्चारण करते हुए पूरे घर में घूमें। सोमवार को शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करें और 'ॐ उमा महेश्वराभ्यां नमः' मंत्र का जाप करें — यह दांपत्य व पारिवारिक सामंजस्य के लिए विशेष फलदायी माना गया है। घर में नियमित रूप से हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें, यह नकारात्मकता व कलह को शांत करता है। घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर स्वास्तिक बनाएं और नियमित गंगाजल का छिड़काव करें। परिवार के सभी सदस्य मिलकर सप्ताह में एक बार साथ भोजन व प्रार्थना करने की आदत डालें — यह सामान्य पर बहुत प्रभावी उपाय है।
यदि उपाय के बावजूद कलह लगातार बना रहे, तो यह कुंडली में गहरे ग्रह दोष या घर की नकारात्मक ऊर्जा का संकेत हो सकता है, जिसका सटीक निदान आवश्यक है। ऐसी स्थिति में गुरुजी अमिताचार्य से Ultimate Spiritual Analysis के माध्यम से परामर्श लेकर स्थायी समाधान प्राप्त करें।
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