योग्यता और मेहनत के बावजूद इंटरव्यू में बार-बार असफलता या सही अवसर न मिलना, इससे युवाओं में निराशा और आत्मविश्वास की कमी होने लगती है।
बार-बार मेहनत के बाद भी सफलता न मिलना बहुत निराश करता है, पर याद रखें — देर हो सकती है, अंधेर नहीं। ज्योतिष में करियर व नौकरी का कारक दसवां भाव (कर्म स्थान) और उसका स्वामी होता है; इस पर शनि, राहु या मंगल की प्रतिकूल दृष्टि, या दशमेश की निर्बलता अक्सर बाधा बनती है। कई बार वर्तमान में चल रही शनि या राहु महादशा/अंतर्दशा भी अस्थायी विलंब का कारण होती है।
उपाय: प्रतिदिन सूर्योदय के समय सूर्य को जल अर्पित करें और 'ॐ सूर्याय नमः' का जाप करें, यह आत्मविश्वास व कर्म ऊर्जा बढ़ाता है। मंगलवार-शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें, बाधाओं को दूर करने में हनुमानजी की उपासना अत्यंत प्रभावी मानी गई है। बुधवार को गणेशजी की पूजा कर 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र की एक माला जाप करें — नए कार्यारंभ में विघ्नहर्ता गणेश की कृपा आवश्यक मानी जाती है। किसी शनि मंदिर में जाकर काले तिल व सरसों तेल का दान करें और नियमित प्रयास व अनुशासन बनाए रखें — शास्त्र कहते हैं कर्म के साथ उपाय ही फलदायी होता है।
कई बार करियर में रुकावट के पीछे कुंडली में विशेष ग्रह योग या समय अवधि होती है जिसे जाने बिना उपाय अधूरे रहते हैं। अपनी कुंडली में करियर बाधा का सटीक कारण और सही समय जानने के लिए गुरुजी अमिताचार्य से Ultimate Spiritual Analysis में परामर्श लें।
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