अचानक बीमार पड़ना, काम में मन न लगना, बार-बार सिरदर्द या बच्चों का बिना कारण रोना — ऐसे संकेतों में लोग नज़र दोष की आशंका जताते हैं।
अचानक स्वास्थ्य या मन में अस्थिरता आना और उसका कोई स्पष्ट कारण न दिखना — तब नज़र दोष की आशंका होना स्वाभाविक है, आपकी सतर्कता सही है। नज़र दोष (बुरी नज़र) के सामान्य लक्षण हैं: बिना कारण थकान व सुस्ती, बार-बार सिरदर्द, बच्चों का अकारण रोना, भोजन में मन न लगना, काम या व्यापार में अचानक रुकावट, और घर में बासी-सी नकारात्मक अनुभूति होना।
उपाय: प्रतिदिन सुबह-शाम 'ॐ नमः शिवाय' या 'ॐ क्रीं कालिकायै नमः' मंत्र का जाप करें, विशेषकर पीड़ित व्यक्ति के ऊपर से करें। सरसों के दानों, लाल मिर्च व नमक को हाथ में लेकर पीड़ित व्यक्ति के सिर से पैर तक सात बार वारकर अग्नि में जला दें — यह पारंपरिक व सरल नज़र उतारने की विधि है। घर के मुख्य द्वार पर नींबू-मिर्च की माला लगाएं और नियमित रूप से बदलें। शनिवार या मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ पूरे घर में करें, इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है। छोटे बच्चों के लिए काला टीका या काला धागा पारंपरिक सुरक्षा उपाय माना गया है।
यदि नज़र दोष के लक्षण बार-बार लौट आएं तो यह किसी गहरे ग्रह दोष या नकारात्मक ऊर्जा का संकेत हो सकता है, जिसके लिए विस्तृत विश्लेषण आवश्यक है। ऐसी स्थिति में गुरुजी अमिताचार्य से Ultimate Spiritual Analysis के अंतर्गत परामर्श लेकर सही व स्थायी समाधान प्राप्त करें।
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