🌑 अमावस्या विशेष · Timely

भौमवती (आषाढ़) अमावस्या 2026 — पितृ तर्पण, दान, क्या करें–क्या न करें व शनि-मंगल उपाय

अमिताचार्य जी द्वारा · 13 जुलाई 2026 · Mahakali Tantra Pith

इस बार आषाढ़ अमावस्या 14 जुलाई 2026, मंगलवार को पड़ रही है — और मंगलवार को पड़ने के कारण यह भौमवती अमावस्या कहलाती है। यह दुर्लभ योग है, जब पितृ-कृपा (अमावस्या), शनि (शनि-अंश) व मंगल (भौम) — तीनों की ऊर्जा एक साथ सक्रिय होती है। सही विधि से किया गया तर्पण, दान व उपाय इस दिन कई गुना फल देता है। 🙏

तिथि14 जुलाई 2026, मंगलवार
अमावस्या आरंभ13 जुलाई · सायं 6:49
अमावस्या समाप्त14 जुलाई · अपराह्न 3:12
तर्पण मुहूर्तसूर्योदय से दोपहर तक
विशेषभौमवती · शनि + मंगल

🌑 भौमवती अमावस्या क्यों विशेष है?

अमावस्या स्वयं पितरों की तिथि है — इस दिन पितृ-लोक के द्वार खुले माने जाते हैं और तर्पण-श्राद्ध का फल अक्षय होता है। जब यह अमावस्या मंगलवार को आती है तो 'भौमवती' कहलाती है ('भौम' = मंगल)। मंगलवार शनि व मंगल — दोनों से जुड़ा है, इसलिए इस दिन:

🪔 पितृ तर्पण विधि (चरण-दर-चरण)

  1. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान — सम्भव हो तो गंगा/पवित्र नदी में, अन्यथा जल में गंगाजल मिलाकर घर पर।
  2. स्वच्छ श्वेत या पीले वस्त्र धारण करें।
  3. दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें (पितरों की दिशा)।
  4. हाथ (अंजलि) में जल, काले तिल व जौ लेकर पितरों का स्मरण करें।
  5. "हे पितरों, यह तर्पण स्वीकार करें, परिवार पर कृपा बनाए रखें" — कहते हुए अंजलि से जल अर्पित करें (3, 5 या 7 बार)।
  6. तर्पण के बाद पितरों के निमित्त अन्न-जल व दान निकालें; गाय, कौआ व कुत्ते को भोजन कराना श्रेष्ठ।
🔱 ध्यान दें: तर्पण सूर्योदय से दोपहर तक ही करें — यही सर्वश्रेष्ठ काल है। विशेष पितृ-दोष हो तो विधिवत तर्पण/श्राद्ध योग्य आचार्य के मार्गदर्शन में कराएँ।

✅ क्या करें (Do's)

ये अवश्य करें

  • ब्रह्म मुहूर्त में स्नान व स्वच्छ वस्त्र
  • दोपहर से पहले पितृ तर्पण व पिंडदान/श्राद्ध
  • पीपल/तुलसी को जल व दीप अर्पित करें
  • यथाशक्ति दान — काले तिल, गेहूँ, चावल, वस्त्र, छाता, जल-भरा घड़ा व दक्षिणा (गरीब/ब्राह्मण/ज़रूरतमंद को)
  • शनि-राहत हेतु शनि मंदिर में सरसों-तेल व काले तिल अर्पित करें
  • हनुमान चालीसा / सुंदरकांड का पाठ (मंगलवार विशेष)

🚫 क्या न करें (Don'ts)

इनसे बचें

  • बाल, नाखून काटना व दाढ़ी बनवाना
  • मांस, मदिरा, प्याज-लहसुन व तामसिक भोजन
  • झूठ, क्रोध, किसी का अपमान या पितरों का अनादर
  • इस दिन शुभ/मांगलिक कार्य (विवाह, गृह-प्रवेश आदि) आरम्भ न करें
  • श्मशान/सुनसान स्थान पर अकेले न जाएँ, तंत्र-प्रयोग बिना गुरु-मार्गदर्शन न करें

🕉️ भौमवती अमावस्या के अचूक उपाय

शनि साढ़ेसाती / ढैया राहत

शनिवार-सा प्रभाव वाले इस मंगल-अमावस्या पर काले तिल, काला वस्त्र व सरसों-तेल का दान करें। ॐ शं शनैश्चराय नमः की एक माला जपें। विस्तृत शनि उपाय

मंगल दोष व ऋण-मुक्ति

हनुमान जी को सिंदूर व चमेली-तेल अर्पित करें, ॐ हं हनुमते नमः का जप व हनुमान चालीसा। ऋण-बाधा में विशेष लाभ।

पितृ दोष शांति

पीपल को जल-दीप, पितरों के निमित्त अन्न-दान, व गाय-कौए को भोजन। कुंडली में पितृ दोष हो तो विधिवत तर्पण कराएँ।

🔱 पितृ दोष / शनि-मंगल शांति — व्यक्तिगत मार्गदर्शन

अपनी कुंडली अनुसार जानें कौन-सा उपाय व तर्पण आपके लिए श्रेष्ठ है। आचार्य जी से मार्गदर्शन लें।

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❓ प्रश्न-उत्तर

भौमवती अमावस्या 2026 कब है?14 जुलाई 2026, मंगलवार। मंगलवार को पड़ने के कारण 'भौमवती'। तिथि 13 जुलाई सायं 6:49 से 14 जुलाई अपराह्न 3:12 तक; व्रत-स्नान 14 जुलाई को।
तर्पण किस दिशा में करें?दक्षिण दिशा की ओर मुख करके, हाथ में जल-तिल-जौ लेकर, सूर्योदय से दोपहर तक।
क्या दान करें?काले तिल, गेहूँ, चावल, वस्त्र, छाता, जल-घड़ा व दक्षिणा — गरीब/ब्राह्मण/ज़रूरतमंद को।
क्या वर्जित है?बाल-नाखून काटना, मांस-मदिरा, प्याज-लहसुन, तामसिक भोजन व मांगलिक कार्य आरम्भ।

🔱 यह लेख धार्मिक आस्था व परंपरा पर आधारित है। पितृ दोष व ग्रह-शांति हेतु व्यक्तिगत कुंडली-विश्लेषण श्रेष्ठ है। हर हर महाकाली! 🙏

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