पंचाक्षरी · मूलॐ नमः शिवाय
॥ ॐ नमः शिवाय ॥
Om Namah Shivaaya
"मैं शिव को नमन करता हूँ" — पंचाक्षर मंत्र, अंतर-शुद्धि व शांति।
लाभ: मानसिक शांति, भय-नाश, आध्यात्मिक उन्नति।
📿 108× · सोमवार व प्रदोष विशेष
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महामृत्युंजय · वैदिकमहामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
Om Tryambakam yajaamahe sugandhim pushti-vardhanam. Urvaarukam-iva bandhanaan mrtyor-muksheeya maa'mrtaat.
मृत्यु-भय, रोग व अकाल-मृत्यु से रक्षा हेतु महान मंत्र।
लाभ: आरोग्य, दीर्घायु, संकट-नाश, रक्षा।
📿 108× · रोग/संकट में विशेष
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गायत्रीरुद्र गायत्री
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि।
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
Om Tatpurushaaya vidmahe Mahaadevaaya dheemahi. Tanno Rudrah prachodayaat.
महादेव के ध्यान हेतु — बुद्धि व चेतना जागरण।
लाभ: ज्ञान, एकाग्रता, शिव-कृपा।
📿 108× · प्रातः
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नवार्ण · मुख्यनवार्ण मंत्र
॥ ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे ॥
Om Aim Hreem Kleem Chaamundaayai Vichche
दुर्गा सप्तशती का मूल मंत्र — महासरस्वती (ऐं), महालक्ष्मी (ह्रीं), महाकाली (क्लीं) की समग्र शक्ति।
लाभ: सर्व-सिद्धि, रक्षा, बाधा-नाश, मनोकामना।
📿 108× · नवरात्रि विशेष
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गायत्रीदुर्गा गायत्री
ॐ कात्यायन्यै च विद्महे कन्याकुमार्यै च धीमहि।
तन्नो दुर्गिः प्रचोदयात्॥
Om Kaatyaayanyai cha vidmahe Kanyaakumaaryai cha dheemahi. Tanno Durgih prachodayaat.
देवी कात्यायनी के ध्यान हेतु।
लाभ: विवाह-बाधा निवारण, शक्ति, कृपा।
📿 108×
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बीज · मुख्यकाली बीज मंत्र
॥ ॐ क्रीं कालिकायै नमः ॥
Om Kreem Kaalikaayai Namah
माँ काली की काल-रूपिणी शक्ति का बीज (क्रीं) — समय व मृत्यु से परे।
लाभ: शत्रु-नाश, भय-मुक्ति, नकारात्मकता-नाश, मोक्ष।
📿 108× · अमावस्या/मंगल-शनि रात्रि
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एकाक्षरीक्रीं (काली बीज)
॥ क्रीं ॥
Kreem
काली का एकाक्षर बीज — प्रचंड परिवर्तनकारी शक्ति।
लाभ: ऊर्जा-जागरण, बाधा-भेदन। (गुरु-मार्गदर्शन उत्तम)
📿 108×
दक्षिण कालीदक्षिण काली मंत्र
॥ ॐ क्रीं ह्रीं श्रीं दक्षिणे कालिके नमः ॥
Om Kreem Hreem Shreem Dakshine Kaalike Namah
करुणामयी दक्षिण काली — ऐहिक सफलता व मोक्ष दोनों की दात्री।
लाभ: धन-सफलता + आध्यात्मिक उन्नति। (दीक्षा उत्तम)
📿 108×
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गायत्रीकाली गायत्री
ॐ कालिकायै च विद्महे श्मशानवासिन्यै च धीमहि।
तन्नो अघोरा प्रचोदयात्॥
Om Kaalikaayai cha vidmahe Shmashaana-vaasinyai cha dheemahi. Tanno Aghoraa prachodayaat.
माँ काली के ध्यान हेतु।
लाभ: साहस, रक्षा, आत्मबल।
📿 108×
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1काली
॥ ॐ क्रीं कालिकायै नमः ॥
Om Kreem Kaalikaayai Namah
शत्रु-नाश, भय-मुक्ति, मोक्ष।
2तारा
॥ ॐ तारायै नमः ॥
Om Taaraayai Namah
वाणी, ज्ञान, संकट-तारण।
3त्रिपुर सुंदरी
॥ ॐ त्रिपुरसुन्दर्यै नमः ॥
Om Tripurasundaryai Namah
सौंदर्य, ऐश्वर्य, श्री।
4भुवनेश्वरी
॥ ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः ॥
Om Hreem Bhuvaneshvaryai Namah
ऐश्वर्य, शांति, सर्व-सिद्धि।
5छिन्नमस्ता
॥ ॐ छिन्नमस्तायै नमः ॥
Om Chhinnamastaayai Namah
आत्म-नियंत्रण, कुंडलिनी, साहस।
6भैरवी
॥ ॐ भैरव्यै नमः ॥
Om Bhairavyai Namah
तप, तेज, शत्रु-नाश।
7धूमावती
॥ ॐ धूमावत्यै नमः ॥
Om Dhoomaavatyai Namah
दरिद्रता-नाश, बाधा-मुक्ति।
8बगलामुखी
॥ ॐ बगलामुख्यै नमः ॥
Om Bagalaamukhyai Namah
स्तम्भन, शत्रु-विजय, वाद-विजय।
9मातंगी
॥ ॐ मातंग्यै नमः ॥
Om Maatangyai Namah
वाणी, कला, संगीत।
10कमला
॥ ॐ कमलायै नमः ॥
Om Kamalaayai Namah
धन, समृद्धि, स्थायी लक्ष्मी।
बीज · मुख्यमहालक्ष्मी मंत्र
॥ ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः ॥
Om Shreem Mahaalakshmyai Namah
धन, समृद्धि व ऐश्वर्य की देवी लक्ष्मी का बीज (श्रीं)।
लाभ: धन-प्राप्ति, स्थायी लक्ष्मी, गृह-सुख।
📿 108× · शुक्रवार व दीपावली
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गायत्रीलक्ष्मी गायत्री
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि।
तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥
Om Mahaalakshmyai cha vidmahe Vishnupatnyai cha dheemahi. Tanno Lakshmeeh prachodayaat.
देवी लक्ष्मी के ध्यान हेतु।
लाभ: समृद्धि, सौभाग्य।
📿 108× · शुक्रवार
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कुबेरकुबेर धन मंत्र
॥ ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये
धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा ॥
Om Yakshaaya Kuberaaya Vaishravanaaya Dhanadhaanya-adhipataye Dhanadhaanya-samrddhim me dehi daapaya svaahaa
धन के देवता कुबेर — धन-धान्य समृद्धि।
लाभ: धन-वृद्धि, व्यापार-लाभ।
📿 108× · धनतेरस विशेष
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बीज · मुख्यसरस्वती मंत्र
॥ ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः ॥
Om Aim Saraswatyai Namah
विद्या, बुद्धि व कला की देवी सरस्वती का बीज (ऐं)।
लाभ: विद्या, स्मरण-शक्ति, वाक्-सिद्धि, कला।
📿 108× · बसंत पंचमी व अध्ययन-पूर्व
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गायत्रीसरस्वती गायत्री
ॐ सरस्वत्यै विद्महे ब्रह्मपुत्र्यै च धीमहि।
तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
Om Saraswatyai vidmahe Brahmaputryai cha dheemahi. Tanno Devee prachodayaat.
देवी सरस्वती के ध्यान हेतु।
लाभ: ज्ञान, एकाग्रता, बुद्धि।
📿 108×
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सिद्धि · श्लोकवक्रतुण्ड महाकाय
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
Vakratunda Mahaakaaya Sooryakoti Samaprabha. Nirvighnam kuru me deva sarva-kaaryeshu sarvadaa.
"हे गणेश, मेरे सब कार्यों को सदा निर्विघ्न करें।"
लाभ: बाधा-नाश, कार्य-सिद्धि।
📿 कार्यारंभ में
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कृष्ण · महामंत्रहरे कृष्ण महामंत्र
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
Hare Krishna Hare Krishna, Krishna Krishna Hare Hare. Hare Raama Hare Raama, Raama Raama Hare Hare.
दिव्य प्रेम का महामंत्र।
लाभ: भक्ति, मन-शांति, आनंद।
📿 108× या निरंतर
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वैदिक · सर्वोच्चगायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
Om Bhoor-bhuvah svah, Tat-savitur-varenyam, Bhargo devasya dheemahi, Dhiyo yo nah prachodayaat.
सविता (सूर्य) के दिव्य प्रकाश का ध्यान — बुद्धि-प्रेरणा।
लाभ: बुद्धि, तेज, आध्यात्मिक जागरण।
📿 108× · प्रातः संध्या
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सूर्य · बीजसूर्य बीज मंत्र
॥ ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः ॥
Om Hraam Hreem Hraum Sah Sooryaaya Namah
सूर्य की जीवन-शक्ति, तेज व आरोग्य का बीज।
लाभ: आरोग्य, आत्मविश्वास, यश।
📿 108× · रविवार, सूर्योदय
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नवग्रह · शांतिनवग्रह शांति मंत्र
ॐ ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्रः शनि राहु केतवः सर्वे ग्रहाः शान्तिकरा भवन्तु॥
Om Brahmaa Muraaris-tripuraantakaaree Bhaanuh Shashee Bhoomisuto Budhash-cha. Gurush-cha Shukrah Shani Raahu Ketavah, Sarve Grahaah Shaanti-karaa Bhavantu.
नौ ग्रहों की शांति व अनुकूलता हेतु।
लाभ: ग्रह-दोष शांति, जीवन में संतुलन।
📿 प्रातः
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