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🔵 कृष्ण · महामंत्र

॥ हरे कृष्ण महामंत्र ॥

कलियुग का महामंत्र — दिव्य प्रेम, भक्ति व मन-शांति का सरलतम साधन।

देवताश्री कृष्ण व राधा-हरि
प्रकारमहामंत्र (सोलह नाम)
जप संख्या108 · निरंतर कीर्तन
मालातुलसी
श्रेष्ठ समयकोई भी समय
दिनएकादशी · जन्माष्टमी
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
Hare Krishna Hare Krishna, Krishna Krishna Hare Hare. Hare Raama Hare Raama, Raama Raama Hare Hare.
"O all-attractive Krishna, O all-pleasing Rama, O divine energy Hara — please engage me in Your loving service."

📖 शब्दार्थ (Word-by-Word)

हरे (Hare)हरि/राधा की दिव्य शक्ति का आवाहन
कृष्ण (Krishna)सर्व-आकर्षक भगवान कृष्ण
राम (Rama)आनंद-स्वरूप राम/हरि

🕉️ विस्तृत व्याख्या

यह सोलह नामों वाला महामंत्र कलियुग के लिए सर्वसुलभ भक्ति-साधन माना जाता है। इसमें भगवान के तीन दिव्य नाम — हरि (हरे), कृष्ण व राम — का प्रेमपूर्ण आवाहन है।

इसका जप व कीर्तन मन को शांत, प्रसन्न व भक्ति-रस से पूर्ण करता है। इसे माला पर या सामूहिक कीर्तन में निरंतर गाया जा सकता है — इसमें कोई कठोर नियम नहीं।

🌿 लाभ

दिव्य प्रेम व भक्ति
मन-शांति व प्रसन्नता
तनाव व अवसाद से राहत
आध्यात्मिक आनंद
मोक्ष-मार्ग

🪔 सम्पूर्ण साधना विधि

सामग्री व तैयारी

घी या कपूर का दीप, शुद्ध जल, पुष्प, कृष्ण चित्र, तुलसी दल, दीप, स्वच्छ आसन तथा तुलसी माला तैयार रखें।

स्नान व शुद्धि

प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठें। मन को शांत करें।

दीप व प्रणाम

श्री कृष्ण के चित्र/यंत्र के सम्मुख दीप जलाएँ, पुष्प व जल अर्पित कर श्रद्धा से प्रणाम करें।

संकल्प

दाहिने हाथ में जल लेकर अपना नाम, गोत्र, स्थान व उद्देश्य (भक्ति, प्रेम व मन-शांति) कहकर संकल्प लें।

माला जप

तुलसी माला से मंत्र का शुद्ध, स्पष्ट उच्चारण करते हुए कम-से-कम एक माला (108 बार) जप करें। सुमेरु (मेरु मणि) को न लाँघें — वहाँ से माला पलटकर पुनः जपें।

ध्यान

जप के साथ श्री कृष्ण के दिव्य स्वरूप व कृपा-प्रकाश का ध्यान करें और भाव रखें कि उनकी कृपा आप पर बरस रही है।

समर्पण

जप पूर्ण होने पर हाथ जोड़कर समस्त जप श्री कृष्ण को समर्पित करें और प्रसाद ग्रहण करें।

⏰ श्रेष्ठ समय व नियम

❓ प्रश्न-उत्तर

हरे कृष्ण महामंत्र का अर्थ क्या है?भगवान के दिव्य नामों (हरि-कृष्ण-राम) का प्रेमपूर्ण आवाहन — भक्ति महामंत्र।
हरे कृष्ण महामंत्र कितनी बार जपना चाहिए?नित्य 108 बार या निरंतर कीर्तन।
क्या इसे जपने के लिए दीक्षा आवश्यक है?किसी दीक्षा की अनिवार्यता नहीं — कोई भी श्रद्धा से जप-कीर्तन कर सकता है।
हरे कृष्ण महामंत्र जपने का सर्वोत्तम समय कौन-सा है?कोई भी समय; एकादशी व जन्माष्टमी विशेष।

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