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☀️ नवग्रह · शांति मंत्र

॥ नवग्रह शांति मंत्र ॥

नौ ग्रहों की शांति व अनुकूलता का मंत्र — ग्रह-दोष शांति व जीवन में संतुलन हेतु।

देवतानवग्रह
प्रकारशांति मंत्र
जप संख्याप्रातः 3–11 बार
मालास्फटिक/रुद्राक्ष
श्रेष्ठ समयप्रातः
दिनप्रतिदिन
ॐ ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च।
गुरुश्च शुक्रः शनि राहु केतवः सर्वे ग्रहाः शान्तिकरा भवन्तु॥
Om Brahmaa Muraaris-tripuraantakaaree Bhaanuh Shashee Bhoomisuto Budhash-cha. Gurush-cha Shukrah Shani Raahu Ketavah, Sarve Grahaah Shaanti-karaa Bhavantu.
"May Brahma, Vishnu, Shiva, and the nine planets — Sun, Moon, Mars, Mercury, Jupiter, Venus, Saturn, Rahu and Ketu — all be bestowers of peace."

📖 शब्दार्थ (Word-by-Word)

भानुःसूर्य
शशीचंद्र
भूमिसुतःमंगल
बुधःबुध
गुरुःबृहस्पति
शुक्रःशुक्र
शनि राहु केतवःशनि, राहु, केतु
सर्वे ग्रहाः शान्तिकरा भवन्तुसब ग्रह शांतिकारक हों

🕉️ विस्तृत व्याख्या

यह प्रसिद्ध श्लोक ब्रह्मा, विष्णु (मुरारि), शिव (त्रिपुरान्तक) तथा नौ ग्रहों — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु व केतु — का आवाहन कर सबसे शांति व अनुकूलता की प्रार्थना करता है।

जिनकी कुंडली में कोई ग्रह-दोष हो, उनके लिए यह मंत्र समग्र ग्रह-शांति व जीवन-संतुलन हेतु प्रतिदिन प्रातः जपने योग्य है।

🌿 लाभ

समग्र ग्रह-दोष शांति
जीवन में संतुलन
बाधा-निवारण
मानसिक शांति
सर्व-अनुकूलता

🪔 सम्पूर्ण साधना विधि

सामग्री व तैयारी

घी या कपूर का दीप, शुद्ध जल, पुष्प, नवग्रह यंत्र/चित्र, दीप, जल-अर्घ्य, स्वच्छ आसन तथा स्फटिक या रुद्राक्ष माला तैयार रखें।

स्नान व शुद्धि

प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठें। मन को शांत करें।

दीप व प्रणाम

नवग्रह के चित्र/यंत्र के सम्मुख दीप जलाएँ, पुष्प व जल अर्पित कर श्रद्धा से प्रणाम करें।

संकल्प

दाहिने हाथ में जल लेकर अपना नाम, गोत्र, स्थान व उद्देश्य (ग्रह-शांति व संतुलन) कहकर संकल्प लें।

माला जप

स्फटिक या रुद्राक्ष माला से मंत्र का शुद्ध, स्पष्ट उच्चारण करते हुए कम-से-कम एक माला (108 बार) जप करें। सुमेरु (मेरु मणि) को न लाँघें — वहाँ से माला पलटकर पुनः जपें।

ध्यान

जप के साथ नवग्रह के दिव्य स्वरूप व कृपा-प्रकाश का ध्यान करें और भाव रखें कि उनकी कृपा आप पर बरस रही है।

समर्पण

जप पूर्ण होने पर हाथ जोड़कर समस्त जप नवग्रह को समर्पित करें और प्रसाद ग्रहण करें।

⏰ श्रेष्ठ समय व नियम

📜 स्रोत व कथा

यह नवग्रह-स्तुति श्लोक पारंपरिक ग्रह-शांति पूजन व नित्य संध्या में प्रयुक्त होता है।

❓ प्रश्न-उत्तर

नवग्रह शांति मंत्र का अर्थ क्या है?ब्रह्मा-विष्णु-शिव व नौ ग्रहों से शांति व अनुकूलता की प्रार्थना।
नवग्रह शांति मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?प्रातः 3, 7 या 11 बार।
क्या इसे जपने के लिए दीक्षा आवश्यक है?नित्य 108 जप श्रद्धा से कोई भी कर सकता है, दीक्षा अनिवार्य नहीं। विशेष अनुष्ठान, सम्पुट व हवन के लिए गुरु मार्गदर्शन उचित है।
नवग्रह शांति मंत्र जपने का सर्वोत्तम समय कौन-सा है?प्रातः प्रतिदिन श्रेष्ठ।

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