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☀️ नवग्रह · शनि

॥ ॐ शं शनैश्चराय नमः ॥

कर्म-फल व न्याय के स्वामी शनि देव का मंत्र — साढ़ेसाती-राहत, कर्म-शुद्धि व अनुशासन हेतु।

देवताशनि देव
प्रकारबीज-सहित मंत्र
बीजशं
जप संख्या108 नित्य · 23000 अनुष्ठान
मालाकाला हकीक/रुद्राक्ष
श्रेष्ठ समयशनिवार · सायं
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॥ ॐ शं शनैश्चराय नमः ॥

📖 शब्दार्थ (Word-by-Word)

ॐ (Om)प्रणव
शं (Sham)शनि का बीजाक्षर
शनैश्चराय नमःमंद-गति शनि देव को नमन

🕉️ विस्तृत व्याख्या

शनि देव कर्म-फल, न्याय व अनुशासन के अधिपति हैं — 'शनैश्चर' अर्थात मंद गति से चलने वाले। वे कर्मों के अनुसार दंड व पुरस्कार देते हैं। यह मंत्र शनि-दोष, साढ़ेसाती व ढैया की पीड़ा शांत करता है।

यह मंत्र धैर्य, अनुशासन व कर्म-शुद्धि का भाव जगाता है। विस्तृत उपाय हेतु देखें: शनि साढ़ेसाती उपाय

🌿 लाभ

साढ़ेसाती व ढैया में राहत
कर्म-शुद्धि व न्याय
धैर्य व अनुशासन
विलंबित कार्यों की सिद्धि
शनि-दोष शांति

🪔 सम्पूर्ण साधना विधि

सामग्री व तैयारी

घी या कपूर का दीप, शुद्ध जल, पुष्प, शनि चित्र/यंत्र, सरसों-तेल दीप, काले तिल, स्वच्छ आसन तथा काला हकीक या रुद्राक्ष माला तैयार रखें।

स्नान व शुद्धि

प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठें। मन को शांत करें।

दीप व प्रणाम

शनि देव के चित्र/यंत्र के सम्मुख दीप जलाएँ, पुष्प व जल अर्पित कर श्रद्धा से प्रणाम करें।

संकल्प

दाहिने हाथ में जल लेकर अपना नाम, गोत्र, स्थान व उद्देश्य (शनि-दोष शांति व कर्म-शुद्धि) कहकर संकल्प लें।

माला जप

काला हकीक या रुद्राक्ष माला से मंत्र का शुद्ध, स्पष्ट उच्चारण करते हुए कम-से-कम एक माला (108 बार) जप करें। सुमेरु (मेरु मणि) को न लाँघें — वहाँ से माला पलटकर पुनः जपें।

ध्यान

जप के साथ शनि देव के दिव्य स्वरूप व कृपा-प्रकाश का ध्यान करें और भाव रखें कि उनकी कृपा आप पर बरस रही है।

समर्पण

जप पूर्ण होने पर हाथ जोड़कर समस्त जप शनि देव को समर्पित करें और प्रसाद ग्रहण करें।

⏰ श्रेष्ठ समय व नियम

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❓ प्रश्न-उत्तर

शनि मंत्र का अर्थ क्या है?कर्म व न्याय के स्वामी मंद-गति शनि देव को नमन।
शनि मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?नित्य 108 बार; अनुष्ठान में 23,000 जप।
क्या इसे जपने के लिए दीक्षा आवश्यक है?नित्य 108 जप श्रद्धा से कोई भी कर सकता है, दीक्षा अनिवार्य नहीं। विशेष अनुष्ठान, सम्पुट व हवन के लिए गुरु मार्गदर्शन उचित है।
शनि मंत्र जपने का सर्वोत्तम समय कौन-सा है?शनिवार सायंकाल श्रेष्ठ।

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