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☀️ सूर्य · बीज मंत्र

॥ ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः ॥

सूर्य की जीवन-शक्ति, तेज व आरोग्य का बीज-मंत्र — आत्मविश्वास, यश व स्वास्थ्य हेतु।

देवताभगवान सूर्य
प्रकारबीज मंत्र
बीजह्रां ह्रीं ह्रौं सः
जप संख्या108 नित्य
मालारुद्राक्ष/स्फटिक
श्रेष्ठ समयरविवार · सूर्योदय
॥ ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः ॥
Om Hraam Hreem Hraum Sah Sooryaaya Namah
"Om — with the solar seeds Hraam Hreem Hraum Sah — salutations to Lord Surya (the Sun)."

📖 शब्दार्थ (Word-by-Word)

ह्रां ह्रीं ह्रौं सःसूर्य के बीजाक्षर — तेज व जीवन-शक्ति
सूर्याय नमःभगवान सूर्य को नमन

🕉️ विस्तृत व्याख्या

सूर्य जीवन, तेज व आरोग्य के स्रोत हैं। इस मंत्र के बीजाक्षर ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्य की जीवनी-शक्ति को जागृत करते हैं। यह मंत्र आत्मविश्वास, यश, नेतृत्व-क्षमता व स्वास्थ्य प्रदान करता है।

ज्योतिष में सूर्य-दोष या निर्बल सूर्य की स्थिति में इसका जप, सूर्योदय के समय जल-अर्घ्य के साथ, विशेष लाभकारी है।

🌿 लाभ

आरोग्य व जीवन-शक्ति
आत्मविश्वास व नेतृत्व
यश, मान व पद
सूर्य-दोष शांति
नेत्र व अस्थि-स्वास्थ्य

🪔 सम्पूर्ण साधना विधि

सामग्री व तैयारी

घी या कपूर का दीप, शुद्ध जल, पुष्प, सूर्य चित्र/यंत्र, तांबे के लोटे से जल-अर्घ्य, स्वच्छ आसन तथा रुद्राक्ष या स्फटिक माला तैयार रखें।

स्नान व शुद्धि

प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठें। मन को शांत करें।

दीप व प्रणाम

भगवान सूर्य के चित्र/यंत्र के सम्मुख दीप जलाएँ, पुष्प व जल अर्पित कर श्रद्धा से प्रणाम करें।

संकल्प

दाहिने हाथ में जल लेकर अपना नाम, गोत्र, स्थान व उद्देश्य (आरोग्य, तेज व यश) कहकर संकल्प लें।

माला जप

रुद्राक्ष या स्फटिक माला से मंत्र का शुद्ध, स्पष्ट उच्चारण करते हुए कम-से-कम एक माला (108 बार) जप करें। सुमेरु (मेरु मणि) को न लाँघें — वहाँ से माला पलटकर पुनः जपें।

ध्यान

जप के साथ भगवान सूर्य के दिव्य स्वरूप व कृपा-प्रकाश का ध्यान करें और भाव रखें कि उनकी कृपा आप पर बरस रही है।

समर्पण

जप पूर्ण होने पर हाथ जोड़कर समस्त जप भगवान सूर्य को समर्पित करें और प्रसाद ग्रहण करें।

⏰ श्रेष्ठ समय व नियम

❓ प्रश्न-उत्तर

सूर्य बीज मंत्र का अर्थ क्या है?सूर्य के बीजाक्षरों सहित भगवान सूर्य को नमन — तेज व जीवन-शक्ति।
सूर्य बीज मंत्र कितनी बार जपना चाहिए?नित्य 108 बार, सूर्योदय पर।
क्या इसे जपने के लिए दीक्षा आवश्यक है?नित्य 108 जप श्रद्धा से कोई भी कर सकता है, दीक्षा अनिवार्य नहीं। विशेष अनुष्ठान, सम्पुट व हवन के लिए गुरु मार्गदर्शन उचित है।
सूर्य बीज मंत्र जपने का सर्वोत्तम समय कौन-सा है?रविवार व सूर्योदय श्रेष्ठ।

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