जिन्हें संस्कृत नहीं आती वे Hinglish या English टैब से भी पाठ कर सकते हैं 🙏
🙏 यह देवी सूक्त माँ को उनके 21 रूपों में प्रणाम करता है, जो समस्त प्राणियों में विद्यमान हैं। नवरात्रि व नित्य पाठ में अत्यंत प्रिय — प्रत्येक श्लोक के अंत में "नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः" का उच्चारण करें।
॥ अथ तंत्रोक्तं देवीसूक्तम् ॥नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नमः।नमः प्रकृत्यै भद्रायै नियताः प्रणताः स्म ताम्॥या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभिधीयते। या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता।या देवी सर्वभूतेषु निद्रारूपेण संस्थिता। या देवी सर्वभूतेषु क्षुधारूपेण संस्थिता।या देवी सर्वभूतेषु छायारूपेण संस्थिता। या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारूपेण संस्थिता। या देवी सर्वभूतेषु क्षान्तिरूपेण संस्थिता।या देवी सर्वभूतेषु जातिरूपेण संस्थिता। या देवी सर्वभूतेषु लज्जारूपेण संस्थिता।या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरूपेण संस्थिता। या देवी सर्वभूतेषु श्रद्धारूपेण संस्थिता।या देवी सर्वभूतेषु कान्तिरूपेण संस्थिता। या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता।या देवी सर्वभूतेषु वृत्तिरूपेण संस्थिता। या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरूपेण संस्थिता।या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता। या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता।या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता। या देवी सर्वभूतेषु भ्रान्तिरूपेण संस्थिता।(प्रत्येक के पश्चात्) नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥इन्द्रियाणामधिष्ठात्री भूतानां चाखिलेषु या।भूतेषु सततं तस्यै व्याप्तिदेव्यै नमो नमः॥चितिरूपेण या कृत्स्नमेतद् व्याप्य स्थिता जगत्।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥॥ इति तंत्रोक्तं देवीसूक्तं सम्पूर्णम् ॥
|| Meaning ||Salutations to the Devi, the Great Goddess, the auspicious one (Shiva), to Prakriti, the benevolent — with discipline we bow to Her.The refrain "Namastasyai namastasyai namastasyai namo namah" means: "Salutations to Her, again and again and again."To the Goddess who dwells in all beings as — Vishnu-maya (illusion), Chetana (consciousness), Buddhi (intellect), Nidra (sleep), Kshudha (hunger), Chhaya (reflection), Shakti (power), Trishna (thirst), Kshanti (forgiveness), Jati (species), Lajja (modesty), Shanti (peace), Shraddha (faith), Kanti (beauty), Lakshmi (fortune), Vritti (activity), Smriti (memory), Daya (compassion), Tushti (contentment), Matri (the Mother), and Bhranti (error) — to Her we bow again and again.She who is the presiding power of all senses and ever-pervades all beings; who pervades this entire universe in the form of pure consciousness (Chiti) — salutations to Her, again and again and again.|| Recite in Hinglish for correct pronunciation ||Use the Hinglish tab above to chant with accurate pronunciation.
पाठ विधि
स्नान कर स्वच्छ आसन पर माँ के समक्ष दीप जलाकर संकल्प लें, फिर यह सूक्त शुद्ध उच्चारण से पढ़ें। नवरात्रि में प्रतिदिन पाठ अत्यंत फलदायी है। सम्पूर्ण दुर्गा सप्तशती पाठ विधि यहाँ पढ़ें।
🪔 गुप्त नवरात्रि — निःशुल्क साधना चैलेंज
रोज़ एक देवी, एक मंत्र — गुरु-मार्गदर्शन में, बिल्कुल फ्री 🙏