🔒 यह ग्रंथ केवल यहीं मिलता है — किसी दुकान, PDF-समूह या अन्य वेबसाइट पर नहीं। यह विद्या सदियों तक केवल गुरु-मुख परंपरा से योग्य शिष्यों को दी जाती रही।


72 पृष्ठ · सभी 112 मूल संस्कृत श्लोक · हर धारणा पर संस्कृत + IAST + English + हिंदी व्याख्या + सरल प्रयोग। नीचे कुछ भीतरी पृष्ठों की झलक 👇



🔒 सभी पृष्ठों पर महाकाली तंत्र पीठ का वॉटरमार्क व कॉपीराइट-सुरक्षा।
विज्ञान भैरव तंत्र कश्मीर शैव परंपरा का वह शिखर-आगम है जिसे "तंत्र का हृदय" कहा जाता है। बाज़ार में मिलने वाली अधिकांश पुस्तकें या तो केवल संस्कृत श्लोक देती हैं, या केवल अर्थ — पर प्रामाणिक मूल श्लोक, उनका शुद्ध उच्चारण, और सरल व्यावहारिक प्रयोग एक साथ कहीं नहीं मिलते। यह विशेष प्रामाणिक संस्करण उसी कमी को पूरा करता है — इसमें सभी 112 मूल संस्कृत श्लोक (श्लोक 24–135), प्रामाणिक शास्त्रीय स्रोत (क्षेमराज-विवृति सहित संस्करण) से यथावत् (verbatim), मूल धारणा-क्रम में दिए गए हैं। हर धारणा पर है — मूल संस्कृत श्लोक · IAST/Hinglish लिप्यंतरण · English अनुवाद · हिंदी व्याख्या · सरल आधुनिक प्रयोग। ये 112 धारणाएँ 12 विषय-खण्डों में क्रमबद्ध हैं, ताकि जिज्ञासु व साधक — दोनों इसे सहजता से आत्मसात कर सकें।
Vigyan Bhairav Tantra is the crown-agama of Kashmir Shaivism, called "the heart of Tantra". Most books give either only the Sanskrit verses or only a loose meaning. This Special Authentic Edition presents all 112 mula Sanskrit shlokas (verses 24–135), taken verbatim from a classical scholarly source (with Kshemaraja's vivrti), in the traditional dharana order — each dharana with its Sanskrit, IAST transliteration, English translation, Hindi vyakhya and a simple modern practice note, arranged across 12 thematic sections. It is fully ethical: no fear-selling, no false guarantees, and no technique for controlling others (non-consensual influence is forbidden in the tantric path).
ये विधियाँ अत्यंत शक्तिशाली हैं — इनका पूर्ण व सुरक्षित प्रयोग गुरु-मार्गदर्शन (गुरु-दीक्षा) में ही करें। यह ग्रंथ आध्यात्मिक साधना हेतु है, किसी शारीरिक या मानसिक रोग का चिकित्सकीय विकल्प नहीं; किसी भी रोग/अवसाद में पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श लें। किसी को प्रभावित/वश करना तंत्र-मार्ग में वर्जित है। परिणाम श्रद्धा, नियम व गुरु-मार्गदर्शन पर निर्भर — किसी परिणाम की गारंटी नहीं।
भुगतान Razorpay द्वारा "Mahakali Tantra Pith" के अंतर्गत सुरक्षित है। डिजिटल उत्पाद — कोई रिफ़ंड नहीं।
इन 112 में से कौन-सी विधि आपके स्वभाव व प्रारब्ध के लिए सर्वश्रेष्ठ है — यह गुरुदेव आपके व्यक्तिगत विश्लेषण में बताते हैं। पहले विश्लेषण, फिर सही मार्ग। → Ultimate Analysis देखें
हाँ। भुगतान के तुरंत बाद PDF डाउनलोड हो जाती है — कोई शिपिंग या प्रतीक्षा नहीं।
जी हाँ — श्लोक 24 से 135 तक सभी 112 धारणाएँ (मूल संस्कृत श्लोक), 12 खण्डों में, हर एक पर संस्कृत + IAST + English + हिंदी व्याख्या + सरल प्रयोग सहित।
परिचय व समझ हेतु आप इन्हें पढ़ सकते हैं; परंतु इनका गहरा व सुरक्षित अभ्यास गुरु-मार्गदर्शन (दीक्षा) में ही करना चाहिए। ग्रंथ में हर स्तर पर यह स्पष्ट किया गया है।
नहीं। किसी की इच्छा-विरुद्ध सम्मोहन/वशीकरण तंत्र-मार्ग में सर्वथा वर्जित है और इस ग्रंथ में ऐसी कोई विधि नहीं है। यह पूर्णतः आत्म-रूपांतरण, रक्षा व मुक्ति हेतु है।
This is an authentic, ethical grantha rooted in the Vigyan Bhairav Tantra tradition. Practise deeply only under guru-guidance. We never promise guaranteed results — outcomes depend on shraddha, discipline and guidance. No medical, legal or financial claims are made.
भुगतान सफल 🙏 डाउनलोड शुरू करने के लिए कृपया भरें
(तीनों आवश्यक · all three required)