अपना शहर चुनें (या स्वतः पता लगवाएँ) — तुरंत तिथि, नक्षत्र, योग, वार व शुभ/अशुभ मुहूर्त पाएँ। यह लाइव ज्योतिषीय गणना है — कोई काल्पनिक आँकड़ा नहीं।
पंचांग सामान्य पात्रा-गणना है। आपकी जन्म-कुंडली अनुसार सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत मुहूर्त, दिन-फल व उपाय गुरु अमिताचार्य जी के विश्लेषण में जानें।
🔱 Ultimate Analysis — ₹2,100 सेपंचांग वैदिक ज्योतिष की वह पात्रा-गणना है जो किसी भी दिन के पाँच प्रमुख अंगों — तिथि, वार, नक्षत्र, योग व करण — को दर्शाती है। इन्हीं से किसी दिन की ऊर्जा, ग्रह-स्थिति व शुभ-अशुभ काल का अनुमान लगाया जाता है। हमारा यह टूल आपके स्थान (अक्षांश-देशांतर) के अनुसार लाइव ज्योतिषीय गणना से तिथि, नक्षत्र, योग, वार, सूर्योदय-सूर्यास्त, अभिजित मुहूर्त व राहु काल दिखाता है — कोई भी आँकड़ा काल्पनिक नहीं है।
पंचांग के पाँच अंग / The Five Limbs of Panchang: तिथि (चंद्र-सूर्य के कोणीय अंतर से), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (चंद्रमा की स्थिति अनुसार 27 नक्षत्रों में से एक), योग (सूर्य-चंद्र की संयुक्त गणना से 27 योगों में से एक), व करण (तिथि का आधा भाग)। ऊपर हमारा टूल तिथि, वार, नक्षत्र व योग लाइव दिखाता है।
दैनिक पूजा, यात्रा, गृह-प्रवेश, विवाह-मुहूर्त व शुभ कार्यों से पूर्व पंचांग देखना पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है। किसी विशेष व महत्वपूर्ण कार्य (विवाह, गृह-प्रवेश, नया व्यापार) हेतु व्यक्तिगत कुंडली अनुसार मुहूर्त गुरु अमिताचार्य जी से अवश्य पूछें — सामान्य पंचांग हर व्यक्ति के लिए एक समान नहीं होता।
पंचांग एक वैदिक पात्रा-गणना है जिसके पाँच अंग हैं — तिथि, वार, नक्षत्र, योग व करण। इनसे किसी दिन की ग्रह-स्थिति व शुभ-अशुभ समय का पता चलता है। यह टूल तिथि, नक्षत्र, योग व वार लाइव गणना से दिखाता है।
अभिजित मुहूर्त सामान्यतः स्थानीय दोपहर के आसपास लगभग 48 मिनट का होता है और नया कार्य आरंभ करने हेतु शुभ माना जाता है। आपके स्थान अनुसार सटीक समय ऊपर दिखाया गया है।
परंपरा अनुसार राहु काल में नया कार्य, यात्रा-आरंभ, गृह-प्रवेश व शुभ कार्य टाले जाते हैं। यह प्रतिदिन लगभग 90 मिनट का होता है और वार व स्थान अनुसार बदलता है।
हाँ — अपना शहर चुनने या स्वतः स्थान पता लगवाने पर आपके अक्षांश-देशांतर अनुसार सटीक गणना दिखाई जाती है। यह किसी सामान्यीकृत (generic) डेटा पर आधारित नहीं, बल्कि लाइव ज्योतिषीय गणना है।
नहीं — पंचांग सभी के लिए सामान्य पात्रा-गणना है, व्यक्तिगत भविष्यफल नहीं। आपकी जन्म-कुंडली अनुसार सटीक व्यक्तिगत विश्लेषण व मुहूर्त गुरु अमिताचार्य जी के परामर्श में ही संभव है — यह गुरुजी consultation में बताएँगे।